मैं आपकी भावना को पूरी तरह समझती हूँ! मैं भी पहले हर दिन एक ही रूटीन फॉलो करती थी, लेकिन सियोल में कुछ आसान स्किनकेयर बदलाव करने के बाद मुझे लगा जैसे मुझमें पूरा बदलाव आ गया हो। शायद मुझे भी अपने ब्यूटी रूटीन में कुछ नए प्रयोग करने चाहिए?
मुझे भी बिल्कुल वैसा ही महसूस होता है जैसा आपको; हर सुबह उठते ही मुझे थोड़ी उदासी महसूस होती है क्योंकि वही पुरानी बात दोहराई जाती है। क्या आपको लगता है कि त्वचा का रंग या मनोदशा भी इस भावना को प्रभावित कर सकती है?
टिप्पणी3
मैं समझती हूँ, हम सभी के साथ कभी-कभी ऐसा होता है, है ना? वैसे, क्या आपको हर दिन ऐसा ही महसूस होता है, यह काम की वजह से है या कोई और कारण है?
मैं आपकी भावना को पूरी तरह समझती हूँ! मैं भी पहले हर दिन एक ही रूटीन फॉलो करती थी, लेकिन सियोल में कुछ आसान स्किनकेयर बदलाव करने के बाद मुझे लगा जैसे मुझमें पूरा बदलाव आ गया हो। शायद मुझे भी अपने ब्यूटी रूटीन में कुछ नए प्रयोग करने चाहिए?
मुझे भी बिल्कुल वैसा ही महसूस होता है जैसा आपको; हर सुबह उठते ही मुझे थोड़ी उदासी महसूस होती है क्योंकि वही पुरानी बात दोहराई जाती है। क्या आपको लगता है कि त्वचा का रंग या मनोदशा भी इस भावना को प्रभावित कर सकती है?